दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पारित हुआ, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाना और गैर-मुस्लिमों को भी वक्फ बोर्ड में शामिल करना है। यह बिल अब राज्यसभा में पेश होगा और विधेयक में सरकार को वक्फ के खातों का ऑडिट कराने का अधिकार भी दिया गया है।
जिस पर करीब 12 घंटे की चर्चा के बाद रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 288 ने पक्ष में जबकि 232 ने विपक्ष में वोट डाले। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। आज (गुरुवार) यह बिल राज्यसभा में पेश होगा। राज्यसभा से पारित होता है तो इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह बिल कानूनी रूप में देश में वक्फ संपत्तियों पर लागू हो जाएगा।
ये होंगे 10 बड़े बदलाव….
1. वक्फ का डेटाबेस ऑनलाइन होगा
2. जमीन का ऑनलाइन डेटाबेस होगा
3. गैर-मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में शामिल करना अनिवार्य
4. वक्फ बोर्ड में दो मुस्लिम महिलाएं भी होंगी
5. अफसर के पास होगा विवाद निपटाने का अधिकार
6. सिविल कोर्ट या हाईकोर्ट में अपील करना मुमकिन
7. सरकार के पास होगा वक्फ के खातों का ऑडिट कराने का अधिकार
8. महिलाएं भी वक्फ की जमीन में होंगी उत्तराधिकारी
9. प्रॉपर्टी का ब्यौरा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगा
10. वक्फ बिना किसी दस्तावेज और सर्वे के किसी जमीन को अपना बताकर उस पर कब्जा नहीं कर सकेगा