हल्दी आयुर्वेदिक चिकित्सा में खास स्थान रखती है। चोट, दर्द और सूजन के इलाज के लिए हल्दी का लंबे अरसे से बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता रहा है। अब हमारे भोजन में हल्दी इस तरह घुल-मिल गई है कि कई बार तो खाना खाते हुए भी हमें इसके होने का एहसास तक नहीं होता है।
हल्दी हमारे खाने में रंग और स्वाद तो बढ़ता ही है साथ ही न्यूट्रिशनल वैल्यू भी बढ़ाती। कई बार यह हमें छोटी-मोटी चोट, दर्द और सूजन का तो पता भी नहीं चलने देती है। इसके अलावा यह सर्दी-जुकाम से लेकर हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी हमें सुरक्षित रखती है,
हल्दी हमारे लिए एक एंटी वायरस का काम करती है और ये एक बहुत अच्छी एंटीबॉयोटिक भी है ये कार्डियो इन्हैंसर, एंटी कैंसर, एंटी डायरियल, लिवर इन्हैंसर, एंटी डायबिटिक इत्यादि प्रकार के इसमें लाभकारी गुण होते है
इसी के साथ हल्दी डिप्रेशन को काम करती है, इससे बुढ़ापा जल्दी नहीं आता, लिवर फंगशन इम्प्रूव करती है और मेमोरी को बढ़ती है हल्दी हार्ड डिजीज से रक्षा करती है और वेट मैनेज करने में मदद करती है,
पूर्वजों ने हल्दी से होने वाले फायदों को बहुत पहले ही पहचान लिया था। इसलिए उन्होंने हल्दी को भोजन का जरूरी हिस्सा बना दिया। इसके अलावा चोट, दर्द और सूजन के लिए भी इसका खूब इस्तेमाल करते रहे हैं।