Indore: चंडीगढ़ से इंदौर आ रही ट्रेन संख्या 19308 ऊना-इंदौर एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में एक 78 वर्षीय बुजुर्ग यात्री के साथ चूहे के हमले का मामला सामने आया है। रिटायर्ड अधिकारी एचपी करण रात में अपने बर्थ पर सो रहे थे, तभी चूहे ने उनकी नाक काट ली। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और ट्रेन में ही रेलवे कर्मचारियों से मदद मांगी गई।
यात्रा शुरू होते ही रेलवे स्टाफ को दी थी सूचना
परिजनों के मुताबिक, ट्रेन में सवार होने के कुछ समय बाद ही कोच में चूहा दिखाई दिया था। इसकी शिकायत रेलवे कर्मचारियों से की गई, जिसके बाद सफाई भी की गई, लेकिन चूहे को हटाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी और सफर के दौरान चूहा लगातार कोच में घूमता रहा।
आगरा में मिली प्राथमिक चिकित्सा, इंदौर में लगाया गया इंजेक्शन
रात करीब साढ़े 10 बजे चूहे ने बुजुर्ग की नाक काट ली। घटना के बाद परिवार ने ट्रेन में मदद मांगी और आगरा पहुंचने पर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई। इंदौर पहुंचने के बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने रेबीज से बचाव के लिए पहला इंजेक्शन लगाया। परिवार के अनुसार, डॉक्टरों ने आगे भी चार इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी है।
रेलवे की सफाई और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद रेलवे की सफाई और रोडेंट कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के मुताबिक, शिकायत आगरा मंडल से संबंधित थी और यात्री को वहां प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई थी। रेलवे का कहना है कि ट्रेनों में रोडेंट कंट्रोल हर ट्रिप के आधार पर और पेस्ट कंट्रोल करीब 15 दिन के अंतराल पर किया जाता है।
रेलवे ने बताई चूहे के कोच में पहुंचने की संभावना
रेलवे अधिकारी के अनुसार, ट्रेन के इंदौर से ऊना हिमाचल रवाना होने से पहले रोडेंट कंट्रोल की प्रक्रिया पूरी की गई थी और उस समय चूहों की कोई शिकायत नहीं मिली थी। हालांकि वापसी के दौरान चूहे की शिकायत सामने आई। अधिकारी ने संभावना जताई कि रास्ते में किसी स्थान पर दरवाजा खुला रहने या अन्य कारणों से चूहा कोच में पहुंचा हो सकता है। घटना ने फर्स्ट एसी जैसे प्रीमियम कोच में यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।







