उज्जैन : इस साल 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जायेगा जिसकी तैयारियों को लेकर पूरा प्रदेश शिवमय हो गया है। इस अवसर पर प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों में तैयारियां कई हफ्तों पहले से शुरू हो गई है। जहाँ, एक ओर प्रदेश के उज्जैन में स्थित ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के पट इस बार लगातार 44 घंटे खुले रहेंगे। वहीं, कई जगहों पर महाशिवरात्रि के मेले का भी आयोजन किया जायेगा। खरगोन जिले में स्थित गुप्त काशी में भी पर्व को लेकर बहुत उत्साह है और बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने भी इस बार कुबेरेश्वर धाम और महाकाल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात देने का फैसला लिया है, जिसके तहत 13 से 23 फरवरी तक तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी जिनसे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सहूलियत होगी।

प्रदेश में महाशिवरात्रि को लेकर उत्साह सभी प्रमुख मंदिरो में हुई सजावट कई जिलों में होगा महाशिवरात्रि मेले का आयोजन रेलवे प्रशासन चलाएगा स्पेशल ट्रेनें महाकालेश्वर में 44 घंटे खुले रहेंगे पट गुप्त काशी में 5 दिवसीय विवाहोत्सव का आयोजन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी खास शिवनवरात्रि मनाई जा रही है। इस पर्व और महादेव के विवाहोत्सव की शुरुवात 6 फरवरी से हो चुकी है, जो की 16 फरवरी तक चलेगा। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगया जा रहा है। मंदिर प्रशासन के अनुसार इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के पट लगातार 44 घंटे खुले रखने का निर्णय लिया गया है। श्रध्दालुओ के लिए दर्शन 15 फरवरी की सुबह शुरू होंगे और 16 फरवरी की सुबह तक जारी रहेंगे। महादेव विवाहोत्सव के तहत साल में सिर्फ एक बार भस्म आरती दोपहर 12 बजे होती है जो इस बार 16 फरवरी को की जाएगी, जिससे पहले महाकाल बाबा को फलों, फूलों और सप्तधान्य से निर्मित भव्य सेहरा अर्पित किया जाएगा। पुलिस प्रशासन की माने तो इस बार करीब 10 लाख लोगो महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आ सकते है। जिसे ध्यान में रखते में हुए क्षेत्र में 1500 पुलिस कर्मी तैनात किये जायेंगे, जिनमे 150 महिला विशेष तौर से महिला श्रद्धालुओं के लिए तैनात की जाएँगी और 250 पुलिस कर्मियों को वीआईपी दर्शन व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रशासन ने बताया की उन्होंने श्रद्धालुओं के अधिकतम 40 मिनट में दर्शन करवाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए प्रशासन ने जगह-जगह पेयजल और चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित करने का फैसला लिया है, जिसके साथ ही दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिको के लिए विशेष सहायता डेस्क की भी व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर में भी महाशिवरात्रि की तैयारियां ज़ोरो पर है। प्रदेश की गुप्त काशी के नाम से जाने मशहूर इस नगर में स्थित प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर में भी महाकालेश्वर की तरह शिवनवरात्रि मनाई जाती है। इसके तहत यहाँ भी कई दिनों पहले से महादेव के विवाहोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी है। इस पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुवात गणेश पूजन से होगी, जिसके बाद हल्दी आदि की रस्में की जाएंगी। जिसके बाद महादेव की भव्य बारात निकाली जाएगी। महाशिवरात्रि की रात 8 बजे से भजन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा जिसके विजेताओं को पुरस्कार दिए जायेंगे। इतिहासकारो को माने तो महेश्वर के काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव की गुप्त प्रतिमा स्थापित है जिसके कारण इस जगह को गुप्त काशी कहा जाता है। इस मंदिर का निर्माण राजा वामन ने करवाया था, जिसका बाद में अहिल्याबाई होल्कर ने जीर्णोद्धार करवाया था।
महाशिवरात्रि के पर्व पर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं को सौगात देने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत उज्जैन के
महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले और सीहोर के कुबेरेश्वर धाम जाने श्रध्दालुओ को बड़ी राहत मिलेगी
दरअसल, पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने महाशिवरात्रि पर्व पर होने वाली यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन से भोपाल और संत हिरदाराम नगर के बीच तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेनें 13 से 23 फरवरी तक चलायी जाएँगी। रेलवे प्रशसान ने बताया की इन स्पेशल ट्रेनों में साधारण और स्लीपर कोच लगाए जायेंगे और सभी यात्रियों को कम किराये में आरामदायक यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। यह ट्रेनें अनारक्षित रहेंगी और मुख्य स्टेशनो पर रुकेंगी।महाशिवरात्रि को लेकर प्रदेश में श्रध्दालुओ में बहुत उत्साह है। वहीं, प्रशासन भी श्रध्दालुओ की उमड़ने वाली भीड़ को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। प्रशासन ने प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा बल तैनात कर दिया है, और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इससे जुडी सभी तैयारियां कर ली है। सभी प्रमुख मंदिरो में प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सहायता डेस्क और पेयजल की भी सुविधा कर दी है। इसके अलावा उज्जैन में ट्रैफिक पुलिस और आईटी टीम गूगल मैप की मदद से भी ट्रैफिक व्यवस्था को संभालेगी। इसके तहत गूगल मैप्स पर अब सिर्फ ऐसे ही रूट दर्शाए जायेंगे, जहां जाम नहीं लगा हो। श्रद्धालुओं को रियल टाइम सिर्फ खाली मार्ग और रिक्त पार्किंग ही नजर आएंगे और उन्हें परेशानी न हो।प्रदेश में महाशिवरात्रि की तैयारियां ज़ोरो पर 44 घंटे लगातार खुले रहेंगे महाकालेश्वर मंदिर के पटगुप्त काशी में होगा विवाहोत्सव का आयोजन प्रशासन आयोजनों को लेकर सतर्क








