BHOPAL: मध्यप्रदेश में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम पूरी तरह एक्टिव हो गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भरपूर नमी आ रही है और मानसून ट्रफ प्रदेश से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने आज शनिवार को प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की, मध्यम और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 4-5 दिन तक यही दौर जारी रहने वाला है।
MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम क्यों एक्टिव है?
• अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही भरपूर नमी
• मानसून ट्रफ MP से होकर गुजर रही है
• जुलाई के आखिरी सप्ताह में एक और स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनने के संकेत
• अगले 4-5 दिन जारी रहेगा बारिश का दौर
मानसून की स्थिति: 14 जिलों में सामान्य से ज्यादा, 41 में अब भी कमी
इस साल मानसून लेट आया और जुलाई के करीब 2 हफ्ते तक बारिश नहीं हुई, जिससे खेतों में दरारें पड़ गई थीं। बीते एक हफ्ते से हो रही बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है।
इन 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश: भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर, राजगढ़, हरदा, नीमच, बुरहानपुर, भिंड, आगर-मालवा, सिवनी, दमोह, मंदसौर सहित अन्य। यहां नदी-नाले उफान पर हैं।
इन 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश: रीवा, पन्ना, सागर, अनूपपुर, बालाघाट, डिंडौरी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, खंडवा, टीकमगढ़, उमरिया, अशोक नगर सहित अन्य। हालांकि इन जिलों में भी पिछले 2-3 दिनों से बारिश शुरू होने से कमी लगातार कम हो रही है।
किसानों के लिए संजीवनी बनी बारिश
शुक्रवार को भोपाल-इंदौर में रुक-रुक कर बौछारें पड़ीं, जबकि ग्वालियर-चंबल में तेज बारिश दर्ज की गई। आज शनिवार को 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट है।
सोयाबीन, धान, मक्का, उड़द जैसी खरीफ फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित होगी। जिन 14 जिलों में ज्यादा बारिश हुई है, वहां किसानों को खेतों से जल-निकासी का ध्यान रखना होगा।
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के आखिरी हफ्ते में बनने वाले नए सिस्टम से प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा होने की उम्मीद है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों से अपील है कि निचले इलाकों से दूर रहें और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।







