INDORE: बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित करीब 4500 फीट ऊंची शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय की तलाश सातवें दिन भी जारी है । बुधवार को SDRF, पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई टीमों ने पहाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया। गुरुवार को भी रेस्क्यू टीमों ने तलाश शुरू कर दी है । पुलिस अब ड्रोन की मदद से पहाड़ी के उन दुर्गम हिस्सों की भी निगरानी कर रही है, जहां टीमों का सीधे पहुंचना मुश्किल है ।
अद्वैत की तलाश के लिए पहाड़ी के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी DSP उमा रानी के साथ कई टीमें कर रही हैं। टीमों की कोशिश है कि किसी भी संभावित स्थान को छोड़ा न जाए और यह पता लगाया जा सके कि अद्वैत कहीं पहाड़ी के किसी दुर्गम हिस्से में फंसा तो नहीं है। फिलहाल सात दिन बीतने के बावजूद अद्वैत का कोई सुराग नहीं मिला है।
इधर, बेंगलुरु पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के साथ मामले की जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है। शांताला ड्रॉप के पास अद्वैत का मोबाइल और ड्रोन मिलने के बाद पुलिस उसकी मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR, SIM कनेक्शन और उसके मंगेतर व महिला मित्रों से संपर्क की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा ड्रोन की खरीद से जुड़ी जानकारी भी खंगाली जा रही है। पुलिस तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर अद्वैत के लापता होने से पहले और बाद की पूरी टाइमलाइन तैयार करने में जुटी है।
पुलिस तलाश रही नए संपर्कों की कड़ी
अद्वैत का मोबाइल शांताला ड्रॉप के पास मिलने के बाद पुलिस ने उसकी डिजिटल गतिविधियों की जांच तेज कर दी है। पुलिस मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और फोन में मौजूद अन्य डिजिटल जानकारी खंगाल रही है। साथ ही टेलीकॉम कंपनियों से यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि अद्वैत के नाम पर मौजूदा SIM के अलावा कोई दूसरा SIM कनेक्शन जारी हुआ था या नहीं।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अद्वैत के नाम पर किसी अन्य नंबर का कनेक्शन तो सक्रिय नहीं था या वह किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से जारी SIM का इस्तेमाल तो नहीं कर रहा था। जांच का मुख्य उद्देश्य ऐसे संभावित संपर्कों और डिजिटल कड़ियों तक पहुंचना है, जिनकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अद्वैत के लापता होने से जुड़ी परिस्थितियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
अद्वैत के ड्रोन की जांच तेज
अद्वैत का ड्रोन भी शांताला ड्रॉप के पास मिला है। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सिर्फ ड्रोन मिलने की जगह पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसकी खरीद और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रोन कब, कहां से और किसके साथ खरीदा गया था।
जांच के तहत ड्रोन बनाने वाली कंपनी के स्थानीय डीलर और बिक्री से जुड़े लोगों से जानकारी ली जा रही है। पुलिस खरीद की तारीख, भुगतान के माध्यम और उस समय अद्वैत के साथ मौजूद व्यक्ति की जानकारी जुटाने में लगी है। इन जानकारियों के जरिए पुलिस अद्वैत की गतिविधियों और उसके संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
इसके अलावा ड्रोन की तकनीकी जानकारी भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ड्रोन ने आखिरी बार कब उड़ान भरी थी और उसकी स्टोरेज मेमोरी में कोई फोटो या वीडियो मौजूद है या नहीं। इन डिजिटल साक्ष्यों से अद्वैत के लापता होने से पहले की गतिविधियों और घटनाक्रम से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
मंगेतर ने दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत
अद्वैत उपाध्याय की मंगेतर ने 7 अगस्त की रात करीब 8 बजे बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड सब-डिवीजन स्थित कडुगोडी पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 7 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे अद्वैत ने फोन कर बताया था कि वह शिवगंगे पहाड़ी पर ट्रेकिंग के लिए जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा और फोन करने पर भी उससे संपर्क नहीं हो सका।
शुरुआत में कडुगोडी पुलिस ने अद्वैत की गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की थी। बाद में मामले को नेलामंगला पुलिस को रेफर कर दिया गया। इसके बाद से नेलामंगला पुलिस और रेस्क्यू टीमें शिवगंगे पहाड़ियों में अद्वैत की तलाश कर रही हैं।







