NEW DELHI: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक को संबोधित करते हुए इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की । उन्होंने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत के लिए बड़े अवसर लेकर आया है और इससे दुनिया का भारत पर भरोसा और मजबूत होगा । प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोपियन यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और यह समझौता भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का भी पूरक है, जिससे विनिर्माण और सहायक सेवाओं को खास लाभ मिलेगा ।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का शानदार उदाहरण है । भारत-ईयू एफटीए वैश्विक जीडीपी के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और साझा मूल्यों के प्रति दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है, जिससे करोड़ों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
गौरतलब है कि भारत और ईयू के बीच एफटीए पर बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, जो 2013 में अटक गई थी और जून 2022 में फिर से शुरू हुई। अब 18 दौर की वार्ता के बाद यह समझौता फाइनल हुआ है। इससे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स-जूलरी, केमिकल्स और समुद्री उत्पादों पर ईयू में लगने वाले भारी आयात शुल्क में राहत मिलेगी। साथ ही प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र पर जोर देते हुए कहा कि भारत में इस दशक के अंत तक तेल और गैस सेक्टर में 100 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य है और देश जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा तेल शोधन केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है ।








